🔭 भूमिका:
क्या आपने कभी अचानक जीवन में बदलाव महसूस किया है — जैसे नौकरी में उतार-चढ़ाव, रिश्तों में तनाव या आत्मविश्वास में वृद्धि?
बहुत बार इन घटनाओं के पीछे कारण होता है ग्रहों का गोचर (Planetary Transit)।
गोचर का अर्थ होता है – ग्रहों की एक राशि से दूसरी राशि में यात्रा। जब कोई ग्रह एक राशि से दूसरी में प्रवेश करता है, तो वह आपके जीवन में कुछ विशेष प्रभाव डालता है। यह प्रभाव सकारात्मक भी हो सकता है और चुनौतीपूर्ण भी।
इस पोस्ट में हम जानेंगे:
🪐 गोचर क्या है?
गोचर का अर्थ है किसी ग्रह का एक राशि से दूसरी राशि में जाना। जब कोई ग्रह आकाश में चलता है और किसी अन्य राशि में प्रवेश करता है, तो उसे ज्योतिष में गोचर कहा जाता है। यह गोचर व्यक्ति की जन्म कुंडली के विभिन्न भावों (हाउस) को प्रभावित करता है।
🪐 प्रमुख ग्रहों के गोचर और उनके सामान्य प्रभाव
🌞 सूर्य (Surya) – हर महीने गोचर करता है
🌙 चंद्रमा (Chandra) – हर ढाई दिन में गोचर
🟠 मंगल (Mars) – हर 45 दिन में गोचर
🟡 बुध (Mercury) – हर 21 दिन में गोचर
🟤 गुरु (Jupiter) – साल में एक बार गोचर
⚫ शनि (Saturn) – हर ढाई साल में एक राशि में
⚫ राहु–केतु – हर 18 महीने में गोचर
🔍 गोचर कैसे आपकी कुंडली को प्रभावित करता है?
हर व्यक्ति की कुंडली में ग्रह एक विशेष भाव (हाउस) में स्थित होते हैं। जब कोई ग्रह गोचर करता है, तो वह जन्म-कुंडली के उस भाव को सक्रिय करता है।
उदाहरण:
🛐 गोचर से लाभ कैसे लें?
🌌 निष्कर्ष:
गोचर, ब्रह्मांड के उस संकेतन की तरह है जो हमें समय, कर्म और निर्णय का संकेत देता है। यह जानना कि कौन सा ग्रह कब और कहाँ गोचर कर रहा है, आपको जीवन की दिशा को बेहतर समझने और समय के अनुसार निर्णय लेने में मदद करता है।