🌗 भूमिका:
ज्योतिष में जब हम ग्रहों की बात करते हैं, तो अक्सर हम सूर्य, चंद्रमा, मंगल जैसे ग्रहों पर ध्यान देते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं — दो ऐसे “ग्रह” भी हैं जो खुद अस्तित्व में नहीं हैं, पर फिर भी आपकी कुंडली और किस्मत को पूरी तरह बदल सकते हैं?
ये हैं — राहु और केतु।
इन्हें कहते हैं छाया ग्रह क्योंकि इनका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है। ये सिर्फ ग्रहों की छाया (mathematical points) हैं — लेकिन इनका प्रभाव इतना गहरा होता है कि ये व्यक्ति को राजा भी बना सकते हैं और रंक भी।
🌑 राहु और केतु क्या हैं?
🕉️ राहु का प्रभाव:
| भाव | प्रभाव |
| 1st (लग्न) | अत्यधिक महत्वाकांक्षा, भ्रम, अलग पहचान की चाह |
| 7th | वैवाहिक जीवन में चुनौतियाँ, विदेशी जीवन |
| 10th | करियर में तेजी, अचानक सफलता या स्कैंडल |
| 12th | विदेश यात्रा, रहस्यमय अनुभव, आध्यात्मिक खोज |
राहु के सकारात्मक गुण:
नकारात्मक प्रभाव:
🔥 केतु का प्रभाव:
| भाव | प्रभाव |
| 1st | गूढ़ स्वभाव, आत्मनिरीक्षण |
| 6th | रोगों से मुक्ति, सेवा भाव |
| 8th | आध्यात्मिक शक्तियाँ, रहस्यमय ज्ञान |
| 12th | मोक्ष की ओर झुकाव, तपस्या |
केतु के सकारात्मक गुण:
नकारात्मक प्रभाव:
🧿 राहु–केतु की दशा का असर:
इनकी महादशा और अंतर्दशा जीवन में अचानक बदलाव ला सकती है —
🛐 राहु–केतु के उपाय:
🌌 निष्कर्ष:
राहु और केतु रहस्यमय हैं, लेकिन ये आपके जीवन की दिशा को पूरी तरह बदल सकते हैं।
इनके प्रभाव को समझकर आप अपने जीवन में आत्म-जागरूकता, सफलता और मोक्ष — तीनों पा सकते हैं।
इनसे डरें नहीं, इन्हें समझें… और सही मार्गदर्शन से जीवन को बदलें।